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अपराध विवेचना में डिजिटल क्रांति: गरियाबंद पुलिस ने सीखी NAFIS की बारीकियां

गरियाबंद, 11 जून। अपराधों की जांच को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में गरियाबंद पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले के सभी थानों के विवेचकों के लिए फिंगर प्रिंट एवं NAFIS प्रणाली पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जांच अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों से लैस करना और अपराध विवेचना की गुणवत्ता को बेहतर बनाना था।प्रशिक्षण के पहले सत्र में फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों ने अपराध स्थल से उंगलियों के निशान सुरक्षित तरीके से संकलित करने, उन्हें संरक्षित रखने तथा न्यायालय में वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि फिंगर प्रिंट किसी भी अपराध की जांच में सबसे विश्वसनीय और सटीक वैज्ञानिक प्रमाणों में से एक माना जाता है।

दूसरे सत्र में विवेचकों को नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। लाइव डेमो के माध्यम से बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों के फिंगर प्रिंट को स्कैन कर राष्ट्रीय डेटाबेस में कैसे दर्ज किया जाता है तथा संदिग्ध व्यक्तियों के निशानों का देशभर में उपलब्ध करोड़ों रिकॉर्ड से कुछ ही मिनटों में मिलान कैसे किया जा सकता है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए तकनीकी दक्षता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। NAFIS जैसी आधुनिक प्रणाली न केवल अंतरराज्यीय अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मददगार साबित होगी, बल्कि अज्ञात शवों की शिनाख्त तथा वर्षों से लंबित मामलों के खुलासे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।अधिकारियों के अनुसार इस प्रशिक्षण से विवेचकों की जांच क्षमता में वृद्धि होगी और भविष्य में अपराधों के त्वरित एवं सटीक निराकरण में गरियाबंद पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिलने की उम्मीद है।

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